Wednesday, 25 November 2009

अरोडा खत्री सिंध की प्राचीन राजधानी अरोड या अलोर के खत्री हैं !!

सन् 1901 की जनगणना में पंजाब में खत्रियों की संख्‍या जहां 447933 थी , वहीं अरोडा खत्रियों की संख्‍या उनसे अधिक 667197 थी। वे मुख्‍यत: द प पंजाब में बसे थे और व्‍यापार में लगे थे। वैसे उत्‍पत्ति तो सभी खत्रियों की एक ही जगह से है , पर जहां अन्‍य खत्री उत्‍तर की ऊपजाऊ भूमि की ओर बढे , वहीं अरोडा खत्री सिंधु नदी के कम ऊपजाऊ मैदानों में ही बने रहें। डी इब्‍टसन की पुस्‍तक पंजाब कास्‍ट्स के अनुसार पंजाब के आधे से अधिक अरोडा खत्री मुल्‍तान और डेराजात डिविजनों में रहते थे। द प पंजाब के ये कुशल व्‍यापारी थे।

खत्रियों और अरोडों के अनेको संस्‍कारों तथा वैवाहिक संस्‍कारों में एवं गोत्रों और पूर्वजों में सामंजस्‍य है। जार्ज कैम्‍पवेल भी इथनोलोजी ऑफ इंडिया में मानते हैं कि वंश परंपरा से ये भी खत्री ही हैं , क्‍यूंकि इनके व्‍यवसाय खत्रियों जैसे ही हैं। उनका ये भी कहना था कि जैसे मुल्‍तान और लाहौर के खत्री मुल्‍तानी या लाहौरी खत्री कहलाते हैं , उसी प्रकार अरोडा खत्री अरोड या अलोर के खत्री हैं , जो सिंध की प्राचीन राजधानी है। श्री मोहन प्र चोपडा , हजारीबाग , पं हीराचंद ओझा , टाड , राजस्‍थान , बंबई के अरोडा खत्री अशोक कुमार अरोडा और डा ओमप्रकाश छाबडा का भी यही मानना है।

एक समय था , जब ऐतिहासिक या पारंपरिक कारणों से इन अरोडों की गिनती खत्रियों में नहीं होती थी। व्‍यापार और खेती इनकी जीविका का मुख्‍य साधन था और ये छोटे से छोटा काम करने में भी नहीं हिचकते थे , इस कारण इन्‍हें निम्‍न जातीय खत्री समझा जाता था। पर अखिल भारतीय खत्री महासभा के प्रयासों से इन्‍हें खत्री मान लिया गया है और अब इनसे वैवाहिक संबंध बेहिचक होने लगे हैं।






भविष्‍य पुराण, जगत प्रसंग अध्‍याय पंद्रह में एक श्‍लोक है ...

नाग वंशोद्या दिव्‍या क्षत्रियास्‍य, मुद्राहता।
ब्रह्म वंशोदय वाश्‍चान्‍ये तथा अरूट वंश संभवा।।

अर्थात् नागवंश में होनेवाले और वैसे ही ब्रह्म वंश में होनेवाले तथा अरूट वंश में होनेवाले श्रेष्‍ठ क्षत्रिय कहलाए। इतिहास लेखक प्लिनी ने अरोडों को 'अरोटुरू' लिखा है। किसी दिन अरोडों के इतिहास पर और विस्‍तृत जानकारी दी जाएगी !!

(लेखक .. खत्री सीताराम टंडन जी)

3 comments:

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी का!

Nirmla Kapila said...

च्छी जानकारी है आपकी कर्मनिष्ठा को नमन

mehta said...

aapne achhi jankari di dhnyawad
or me apse ek or bat janana chahta hoo pakistan se khatri or brahman log hi aye ya koi shudr or vashya bhi aye the

mane kal hi apna blog bnane ka paryas kiya hai plz 1 comments my blog ' hindi se kitne bhartiya jre hai'

http://mehtablogspotcom.blogspot.com/

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