Wednesday, 6 January 2010

लखनऊ के खत्रियों द्वारा स्‍थापित श्री रामसेवामंडल का प्रयास सराहनीय है !!

भारतीय समाज में सेवा की परंपरा अत्‍यंत प्राचीन है, बढती आधुनिकता और व्‍यक्तिवादिता में जब कुछ पवित्र उद्देश्‍योंवाले व्‍यक्ति समाज सेवा के लिए एकजुट होते हैं , तो श्री राम सेवामंडल जैसी संस्‍थाओं की स्‍थापना होती है। लखनऊ में चुपचाप सेवा कार्यों में लगी इस संस्‍था से दूसरे शहरों के खत्री भाइयों बहनों को भी प्रेरणा मिलनी चाहिए।

इस स्‍वयंसेवी संस्‍था की स्‍थापना श्री रामनवमी के पावन पर्व पर 24 मार्च 1991 को स्‍वामी दिव्‍यानंद सरस्‍वती जी महाराज के आशीर्वाद तथा खत्री पुरूषोत्‍तम दास जी मेहरोत्रा जी , खत्री अमरनाथ खन्‍ना जी, सुश्री सरोज खन्‍ना जी , खत्री कैलाश नाथ मेहरोत्रा जी, श्रीमती राज रानी मेहरोत्रा जी एवं खत्री धर्मनारायण कपूर के सहयोग और प्रेरणा से की गयी थी। इसके विकास में प्रत्‍येक वर्ग के प्रतिष्ठित और जागरूक पर सेवारत भाई बहनों का अविरल सहयोग मिलता रहा है।

प्रत्‍येक माह लखनऊ के आठ चुने हुए अनाथालयों से , जैसे आदर्श कुष्‍ठ आश्रम , मदर टेरेसा का प्रेम निवास , लखनऊ चिल्‍ड्रेन होम , लीलावती मुंशी बालगृह , मलिन बस्‍ती में झोपडपट्टी आदि के कुल मिलाकर 1000 व्‍यक्तियों के लिए एक दिन की नारायण सेवा की जाती है । ज्‍येष्‍ठ माह में प्रत्‍येक मंगलवार को श्री संकटमोचन हनुमान सेतु पर शीतल पेय और खाद्य पदार्थ से जनसाधारण की सेवा हो जाती है। संस्‍था के दैनन्दिन प्रबंध का उत्‍तरदायित्‍व प्रबंध समिति के सदस्‍यों का है , उनकी स्‍वप्ररित सेवा भावना , उत्‍साह और लगन के बल पर संस्‍था के उद्देश्‍य पूरे हो रहे हैं।

निर्धन और मेधावी विद्यार्थियों को 50 रूपए प्रतिमास छात्रवृत्ति दी जाती है , चयनित छात्र छात्राओं को कॉपियां और रजिस्‍टर भी प्रसाद रूप में दिया जाता है। इसके अतिरिक्‍त उन्‍हें बालोपयोगी साहित्‍य भी प्रदान किए जाते हैं। छात्रवृत्ति की संख्‍या स्‍थायी दान दाताओं की संख्‍या के अनुसार होती है। यह चयन विभिन्‍न विद्यालयों द्वारा प्रधानाचार्यों की संस्‍तुति पर संस्‍था की चरित्र निर्माण उप समिति के द्वारा किया जाता है।

निर्धन परिवारों की कन्‍याओं का विवाह में सहयोग देने के लिए विवाह में काम आनेवाली वस्‍तु के अतिरिक्‍त साडी , ब्‍लाउज पीस , पेटीकोट , पैंट और शर्ट का कपडा , स्‍टील के पांच बरतन और चांदी की जंजीर लॉकेट दी जाती है। एक भगवत् भक्‍त समाजसेवी प्रत्‍येक कन्‍या को श्रृंगार सामग्री भी भेंट करता है। शिक्षित कन्‍यओं को श्री रामचरित मानस, हनुमान चालिसा और दूसरे सत् साहित्‍य भी पढने को दिए जाते हैं।

लेखक .. खत्री सतीश चंद्र सेठ जी





4 comments:

निर्मला कपिला said...

श्री राम सेवा मंडल का ये प्रयास सराहणीय है बधाई और पूरी जानकारी के लिये धन्यवाद्

vikas mehta said...

सराहणीय है बधाई और पूरी जानकारी के लिये धन्यवाद्

राज भाटिय़ा said...

श्री राम सेवा मंडल का बहुत अच्छा काम कर रहा है, जानकारी देने के लिये आप का धन्यवाद

Ravi Rajbhar said...

Jankari par kar achchha laga..!

आपको यह आलेख पसंद आया ....